What is AICPS?
अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़
जिस प्रकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पूर्ण स्वराज्य प्राप्ति के लिए प्रजातंत्र को माध्यम बनाया था। इसी प्रकार बढ़ते हुए अपराधों को मद्देनज़र रख कर स्वर्गीय श्री गुरमुख सिंह जी ने इस संस्था को जन्म दिया । देश को अपराध मुक्त नारा दिय जिसके लिए देश भर में आज एक अरब से ऊपर की आबादी बाले भारत में इस संस्था के लाखों की संख्या में सदस्यों का जाल फैला हुआ है । इसके संचालन के लिए हर कस्बे शहर और राज्य में शाखाएं काम कर रही है । आजादी के बाद राज्यनेताओं का चलन चरित्र बदल गया है । देश का नारा छोड़ कॉम , जाति , धर्म और अपने निजी स्वार्थ के लिए लगाना शुरू कर दिया है। जनता की परवाह न करके अपनी कुर्सी को बरकरार रखने के लिए नेता का तन मन धन सब कुर्सी के लिए दाव पर चढ़ गया ।गंदे हथकंडे शोषल और घटिया दर्जे का शासन व सरकार चलने वाले शासक भ्रष्ट हो गए । हर चीज़ बिकने लग गयी यहाँ तक की इंसान की अंतर आत्मा की सरे आम बोली लगती है सन 1950 में गृह मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति के की सेवाएँ लेने के लिए सब राज्यों को हिदायतें दी और 1998 में श्री अवतार सिंह मथारू सुपुत्र स्वर्गीय श्री गुरमुख सिंह ने इस संस्था का संचालन खूबसूरत शहर चण्डीगढ़ से शुरू कर दिया । समिति का रजिस्ट्रेशन भारत सरकार के एक्ट (XXI of 1860) 1957 के अंतर्गत हुआ और समिति का मुख्यकार्यालय चंडीगढ़ मैं स्थित हुआ ।
AICPS CHD समिति के लक्ष्य और उद्देश्य
1 . 1947 में भारत अंग्रेजों से छुटकारा मिला और देश की बागडोर वरिष्ठ नेताओं ने संभाली । दबी कुचली शोषित हुई जनता के सामने एक नारा गरीबी हटाओ का था । राजनैतिक पार्टियों ने गरीबी को अपना मैनीफेस्टो बनाया । हर व्यक्ति जो जिस चीज़ का अभावी है वह उसी की लालसा रख कर नारे देने वालों के पीछे लग जाता है । गरीबी की बजाए गरीब खत्म हो गए लेकिन गरीबी यूँ की त्यूँ है । संस्था हर व्यक्ति को एक दूसरे से संपर्क करके संस्था से जोड़ने पर पुलिस की मदद दिए जाने के लिए बचनबद्ध है । यह उस व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर है कि वह कितने लोगों से संपर्क बना कर जोड़ता है । Crime दूर करने का यह एकमात्र आश्रय है । कर्महीन मनुष्य तो कुछ भी नहीं कर पता । वह तो धरती पर स्वयं का बोझ है । जो सरकार हमारी जनता को ज्यादा मदद और सहायता देती है हम बचनबद्ध हैं कि हम उनको बोट दें यह AICPS का लक्ष्य है ।
2 . अज्ञानता भारत की सबसे बड़ी समस्या है । इससे निपटने के लिए Each One Teach One और प्रौढ़ शिक्षा पर भी सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने पर बहुत सी शिक्षा संस्थाएं और समाज कल्याण संस्थाओं ने योगदान दिया है । यह संस्था साक्षर बनाने के लिए अपनी Committee के द्वारा विभिन्न स्थानों में जहाँ पर अकसर कालोनियों में निर्धन अनपढ़ लोग रहते हैं । जिनके बच्चे आमदनी के अभाव में पढ़ नहीं पाते वहाँ पर स्कूल खुलवा कर गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा तथा शिक्षा सामग्री प्रदान करवाती है ।
3 . रोज़गार स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हमारे देश में शिक्षा का आभाव होने के कारण हर व्यक्ति जो 5 कक्षा तक पढ़ लेता था उसे पटवारी या प्राइमरी अध्यापक लगा दिया जाता था । 10 वीं पास को उसे समय योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी मिल जाती थी और बी.ए.(B.A.) पास अपने घर के आगे बड़ा सा बोर्ड बी.ए.(B.A.) का लगता था और उसे ऊँची पदवी पर नियुक्ति मिल जाती थी । आज़ादी की आधी शताब्दी गुजर जाने पर देश में बेरोजगारी का एक ऐसा सैलाब आ गया जो देश के लिए विनाशकारी सिद्ध हो रहा है । आज बी.ए. ततो क्या एम. अ. और टैक्नीकल डिग्री वाले सर्टिफिकेट पर चने रख कर चबाते फिर रहे है । लेकिन रोज़गार और नौकरी नहीं मिलती। हाईली क्वालीफाइड 2-3-4 हज़ार पर निर्वाहित नौकरी करने पर मजबूर है । स्वाभिमानी की तो कोई कीमत ही नहीं रह गई । जरा स्वाभिमान दिखाया और फिर सड़क पर आया ऐसे में इस संस्था के साथ जुड़ कर बेरोगार व्यक्ति समाज में अपना सिर उठा कर चल सकता है कहीं भी सारे देश में घूम फिर कर समाज की सेवा कर सकता है । अपराध रोकने में मददगार बन कर अपने जीवन की हर जरूरत को पूरा करने के लिए स्वतंत्रता से , बिना किसी की गुलामी दवदवा के सुखी जीवन व्यतीत कर सकता है । Man Power बढ़ रहा है और सरकारी नौकरियों का दायरा ख़त्म हो रहा है Out Dated मशीनरी समाप्त हो रहा है Sick उद्योग सरकार ने बंद कर दिये हैं Manual काम कम्प्यूटर और मशीनरी ने ले लिया है और इसी बजह से बेरोज़गारी सारे देश में बड़ी समस्या बन गयी है । पढ़ लिखकर रोज़गार न मिलने पर मिलने पर युवक पथभ्रष्ट हो रहे हैं भ्रष्टयुवकों को अच्छा जीवन जीने के लिए, अपराध से बचने के लिए और अपराध रोकने के लिए अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़ पर्याप्त मात्रा में साधन उपलब्ध करवाती है।हमसे जुड़ के आप कार्य कर सकते हैं तथा आप अपने बैंक खाते में वेलफेयर फण्ड भी प्राप्त कर सकते हैं ।
4. देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हमारे देश की पुलिस पूर्ण रूप से जिम्मेवार होती है और पुलिस के पास इनफार्मेशन के स्त्रोत पर्याप्त में हो तो अपराध रोकने के लिए जो समस्याऐं शासकों के सामने आड़े आती है वे आसानी से सुलझ सकती है । इसके लिए यह संस्था प्रत्येक सदस्य को पुलिस की मदद करने का आह्वान देती है और इस संस्था का प्रथम नारा Help Police Help Administration and Help Society on People-Police Relationship है।आम आदमी जुर्म होता तो देख लेता है लेकिन पुलिस की जानकारी में नहीं लता क्योकि पुलिस की कानून व्यवस्था ही कुछ ऐसी है कि जो रिपोर्ट दे या करे तो उसी से ही Investigation शुरू कर दी जाती है और कोई भी व्यक्ति अपना काम छोड़ कर अन्य किसी पचड़े में नहीं पड़ना चाहता और इसलिए सही खबर से पुलिस वंचित रह जाती है अपराधी जुर्म करके बच जाता है।आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं यदि आप हमारे साथ जुड़ कर कार्य करना चाहते है तो फार्म भरकर Head Office Chandigarh भेजें
इस समिति का सदस्य बनने के बाद उस सदस्य की तमाम ज़िम्मेवारी संस्था पर आ जाती है और पूरी तरह उसे संरक्षण मिलता है।उसे हिदायत दी जाती है की पुलिस को इन्फॉर्म करने से पहले वह सदस्य अपराधकर्ता व किसी अपराध की सुचना सर्वप्रथम समिति के कार्यालय में दे ताकि उसका बचाव किया जा सके अन्यथा अपराधी अक्सर पुलिस मिलकर उल्टा अपराध की खबर देने बाले को फंसा देता है।समिति के नोटिस में आने से समिति का सदस्य पुलिस और अपराधी दोनों से सुरक्षित हो जाता है और यह अपराध का एक सफल तरीका है।शाखाओं के आवहान पर जनता दरबार लगाए जाते हैं जिनमें से क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारीयों को जनता के बीच सम्मानित किया जाता है।जनता की पुलिस के बीच खुली बातचीत करवाई जाती है और जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम कर पाने की कोशिश कीजाती है।जिससे जनता के दिलो दिमाग में पुलिस का दर बैठा हुआ है।वह कम किया जाये और मिटाया जा सके।अच्छे काम करने बाले पुलिस कर्मियों को Commendation दिये जाते हैं इससे उसको प्रोत्साहन मिलता और आगे जनहित कार्य प्रेरणा मिलती है ।
5. चरित्र में सबसे पहला पक्ष स्वस्थ शरीर, निरोग काया का बर्णन किया गया है और इसी को सुख की पहली सीढ़ी बताया गया है।हमारे देश के ऋषि मुनियों ने स्वस्थ व्यक्तियों का स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज के व्यक्तियों के स्वस्थ मन, विचार और आचार से एक अच्छे चरित्र बाले व्यक्तियों का समाज बनता है जो अपराधमुक्त होता हैस्वस्थ समाज हमारी संस्था का मुख्य लक्ष्य Let Us Make India Crime Free सेहत को ध्यान में रख कर शाखाओं की ओर से Medical Camps लगाये जाते हैं और गरीब अस्वस्थ व्यक्तियों, बच्चे, बृद्ध और महिलाओं को Qualified डॉक्टरों के जरिये चैक करवाया जाता है तथा मुफ्त दवाइयाँ प्रदान की जाती है डाक्टरों को अपनी ऐच्छिक Duty का मुआवज़ा भी दिया जाता है जो डाक्टर जनहित में जान स्वास्थ्य बिना किसी फ़ीस आदि के Check करते है तो उन्हें Commendationअखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति की ओर से बतौर सम्मान मैं दिए जाते हैं।
6. अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़ का लक्ष्य मानव अधिकार (Human Rights)और पुलिस कार्यालयों के कानूनों तथा नियमों का पालन करना, पुलिस की मदद करना, बढ़ते अपराधों को नियंत्रण करना और पब्लिक पुलिस रिलेशनशिप को बढ़ावा देना है यही हमारा लक्ष्य है।
शपथ
याद रखिए
प्रार्थना व अपील
ऐसा क्यों हो रहा है
AICPS CHD का संघर्ष
AICPS CHD क्या है ?
AICPS CHD की सदस्यता का पात्र
AICPS CHD के काम करने का तरीका
विभूतियों व विद्धानों का सम्मान
: जय हिन्द जय भारत :
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