अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति आई कार्ड होल्डर सदस्य को जानना चाहिए की हमें क्या क्या कार्य करने हैं
आई-कार्ड होल्डर सदस्य को पूरी सुरक्षा दी जाती है अगर आपके आई कार्ड को कोई उच्च अधिकारी या कोई कार्यालय मान्यता नहीं देता है तो आप उनके खिलाफ लिखित सुचना मुख्यकार्यालय चण्डीगढ़ को जरूर दें ताकि आई कार्ड को मान्यता न देने बाले की तानाशाही को रोकने के लिए हमारी अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति कानूनी सेल (Legal Cell Committee) को भेज दी जाएगी तथा तुरंत कानूनी कार्यवाही की जाएगी हमारा लक्ष्य मेक इंडिया क्राइम फ्री एंड पॉसिबल & चलेंजिस(Make India Crime Free & Possible To Challenge) लिखित सुचना मुख्यकार्यालय चण्डीगढ़ को प्राप्त होने बाद किन किन आई -कार्ड सदस्यों को सहायता प्राप्त हो चुकी है यहाँ देखें
1 सुरक्षित व् निडर जीवन यापन के मानव अधिकार का प्रचार–प्रसार हो ।
2 मनुष्य जीवन व् समितिकी सुरक्षा करना।
3 लोगों अपने अधिकारों के प्रति सतर्क बनाना ।
4 लोगों को सुरक्षा प्राप्त करने की शिक्षा प्रदान करना ।
5 पुलिस व जनता के बीच की दुरी कम करना ।
6 निडर होकर पुलिस की सहायता करना जिससे की वह अपराधियों को पकड़ सके ।
7 लोगों के मन को देश की एकता व अखण्डता को बनाये रखने की भावना से ओतप्रोत करना ।
8 संपराधिक व अलगावादी शक्तियों से लड़ना ।
9 महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना एवं उन्हें समाज में उन्हें उचित स्थान दिलाने में सहायता करना ।
10 परिवार नियोजन के लिए तथा स्वच्छ भारत के लिए हर व्यक्ति को जानकारी प्रदान करना ।
11 समाजिक अपराध जैसे राष्ट्रीय सम्पति के विनाश को रोकना ।
12 सरकारी व ग़ैर सरकारी कार्यलयों तथा समाजिक व राजनैतिक समस्याओं में घुस व रिश्वतखोरों को प्रत्येक स्तर पर रोकना ।
13 भूतपूर्व सजाभुक्त चुके अपराधियों व उनके परिवार की सहायता करना जिससे की वे सम्मान पूर्वक जीवन यापन कर सकें ।
14 लोगों को इस बात के लिए प्रोत्शाहित करना की वह भूतपूर्व सजा भुक्त चुके अपराधियों को सुधारने का प्रयत्न करें तथा उन्हें सहानुभूति व प्यार दें जिससे की उन्हें अपने आप को सुधारने में आसानी हो ।
15 दण्ड सम्वन्धी प्रणाली में मानव पक्ष को उभारने व मान्यता दिलवाने का प्रयास करना तथा पुलिसकर्मियों को उनकी हिरासत में रखे अपराधियों पर अनाधिकार अत्याचार करने से रोकना ।
16 अपराध पीड़ित व्यक्तियों की सतिपूर्ति की जिम्मेदारी सरकार द्वारा लेने के लिए कार्य करना ।
17 नैतिक मूल्यों का प्रचार करना मनुष्य की जीवन स्तर की उन्नति के लिए सहायता करना ।
18 ऐसे कार्य करना य योजनाएं चलना जिससे समिति के उद्देश्यों की पूर्ति हो ।
19 झगड़ों का निपटारा करवाना व समाज को साम्प्रदायिकता जैसे विघटनाकारी दोषों से बचना ।
जन–जागरण
हमारा असली कार्य जन–जागरण का है इसके वगैर हम किसी भी प्रकार के अपराध को नहीं रोक सकते हैं यह अभियान हमने 1998 से शुरू किया है
किसी न किसी जिले में हर तीसरे दिन जन–जागरण अभियान होता है।इसमें जनता को निम्नलिखित जानकारी देते है ।
1 परिवार नियोजन , शिक्षा प्रसार, दहेज़ प्रथा तथा महिलाओं के ऊपर होने बाले अत्याचार और लोगों को राजनितिक बुराइयों से आगाह करना जिससे की राजनीति ताकत हासिल करने की बजाए जन– सेवा का कार्य करें।
जिन व्यक्तियों ने सेवा नहीं की उन्हें वोट न दिया जाये।यह काम बहुत ही महत्वपूर्ण है ।इसके वग़ैर हमारी संस्था को कायम रहना वेकार है ।
इसलिए हमारे जितने भी अधिकारी व सदस्य हैं उन्हें ज्यादा से ज्यादा जान–सम्पर्क में भाग लेना चाहिए।
जैसा की अब तक जान–सम्पर्क का काम राज्य अध्यक्ष के अधीन था। अब यह काम हमारे जिला अधिकारीयों को करना होगा। कम से कम दो महीनों अपनी तहसील अध्यक्षों के साथ मिल कर जन –जाग्रति का प्रोग्राम जगह– जगह बनाने होंगे।
समिति का कार्य–क्रम
हमें ये ध्यान रखना चाहिए की हमारा काम लोगों में जागृति पैदा करना और राहत पहुँचाना है।जागृति इस प्रकट पैदा की जाए जिससे की:-
1 बढ़ती आवादी काम हो सके।
2 कोई व्यक्ति न तो किसी को रिश्वत दे और न किसी से रिश्वत ले सारे देश मैं बिगड़ते वातावरण को सुधारने के लिए हमारे सदस्य हर माह कम से कम तीन बार कार्नर मीटिंग करें हर मीटिंग मैं नए विषयों पर विचार हो ताकि लोग सुन प्रभावित हों और हमारे कार्य को आगे बढ़ायें।प्रत्येक जिला अध्यक्ष को अपना कार्यक्रम बनाना चाहिए तथा दो-तीन महीनों के कर्यक्रम की सुवहि मुख्यकार्यालय चण्डीगढ़ देनी चाहिए।अपने तहसील अध्यक्षयों से बराबर सम्पर्क बनाये रखें वह उनके जरिये शाखा अध्यक्षयों से काम करना चाहिए। समिति के कार्य को द्रुतगति से आगे बढ़ने के लिए त्रमासिक कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है राज्य अध्यक्ष कोशिश करेंगे की प्रत्येक कार्यक्रम में वे हिसा लें किसी विशेष कारण से अगर वे किसी कार्यक्रम में सम्मानित न हो सकें तो सम्बन्धित जिला अध्यक्ष को कार्य संभालना होगा। कि जिस ज़िले का कार्यक्रम हो उसके तहसील व शाखा अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल हों जो शाखा समिति के कार्यों को आगे बढ़ाने में ढील देगी वहाँ के अध्यक्षों को इस्तीफा देना होगा ताकि कोई और व्यक्ति शाखा अध्यक्ष बन कर कार्यक्रम को गति प्रदान करे यही नियम तहसील एवं जिला के अध्यक्षों के लिए लागू होंगे।
